Jabalpur News / शिकारी फंदे में तेंदुआ!!! नयागांव की पहाड़ी से दहशत की गर्जना…

तेंदुए की मौत
  • छोला गांव में जख्मी शावक मिला
  • वेटरनरी में भर्ती, हालत नाजुक
  • सुअर पकड़ने लगाया था फंदा
  • रेस्क्यू टीम ने मुश्किल में पकड़ा
  • बचाने के प्रयास नाकाफी

नयागांव में अभी तेंदुआ परिवार की दहशत बनी हुई है…ऐसे में मंगलवार की सुबह फेंसिंग की तार में तेंदुआ फंसने की खबर ने नया खौफ बना दिया है। नर्मदा के तट से लगे भिटौली कालीधाम मार्ग पर ग्राम छोला में नर तेंदुआ रेस्क्यू किया गया है। एक बार फिर तेंदुआ की दहशत शहर को दूसरे छोर से घेरने को तैयार है…तेंदुआ बुरी तरह से जख्मी है। सेना के परिक्षेत्र में लगी फेंसिंग के पास शिकारियों द्वारा लगाए फंदे में फंसने से तेंदुआ घायल है…वेटरनरी में भर्ती तेंदुए की हालत नाजुक है।

जबलपुर। शहर के भिटौली वन परिक्षेत्र में छोला गांव के पास छावनी की बॉर्डर पर तेंदुआ फंसने की सूचना मंगलवार की सुबह वन विभाग को मिली। तत्काल सेना, वन एवं जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे, इस दौरान मौके पर तेंदुए को रेस्क्यू करने की मुहिम शुरू की गई, करीब एक घंटे में तेंदुए के पिंजरे में लेकर वेटरनरी पहुंचाया गया।

गहरा घाव, हालत नाजुक

ऐसा बताया जा रहा है कि जिस तार के फंदे में तेंदुआ फंसा था, उससे निकलने की जुगत में वह बुरी तरह से जख्मी हो गया है। तेंदुए की पीठ पर गहरा घाव हो गया है, उसकी रीढ़ की हड्डी तक जख्म गहरा है। फिलहाल उसे वेटरनरी में इलाज के लिए भर्ती किया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

नयागांव को जोड़ने वाला कॉरीडोर

उल्लेखनीय है कि तीन माह से रामपुर स्थित जलपरी, नयागांव से बरगी हिल्स की पहाड़ी पर तेंदुआ परिवार सक्रिय है। यहां नयागांव के लोगों ने गत दिसंबर माह में तेंदुआ और उसके दो शावकों को देखा भी था, तेंदुआ  की सक्रियता पर मंडला से एक्सपर्ट भी बुलाए गए थे, करीब दस दिन टीम यहां रही, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी।

नयागांव में छह पिंजरे लगाए-

कान्हा नेशनल पार्क से आई टीम ने जबलपुर वन विभाग की मदद से नयागांव, बरगी हिल्स की पहाड़ी पर छह पिंजरे लगाए हैं, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। पिछले दिनों यहां कलेक्टर भरत यादव ने भी निरीक्षण कर तेंदुए को पकड़ने की गई चौकसी देखी थी।

कनेक्टिविटी का कॉरीडोर-

विशेषज्ञों की मानें तो नयागांव की पहाड़ी को जोड़ने वाला जंगल एक ओर से है, जो नर्मदा के किनारे-किनारे भिटौली से बरेला, डुमना तक जाता है। मंगलवार को जो तेंदुआ पकड़ा गया है, वह इसी कॉरीडोर में आता है। ऐसे में यह भी कहा जा सकता है कि नयागांव में पहुंचा तेंदुआ परिवार इसी मार्ग से संभवत: पहुंचा हो।

ये रही रेस्क्यू टीम-

सीसीएफ जबलपुर आर मेहला, डीएफओ रवीन्द्र मणि त्रिपाठी, रेंजर एमएल बरकड़े, ब्रह्मदत्त परोहा, गुलाब सिंह परिहार, अभिलाष वर्षे, रामविनोद माझी, प्रवेन्द्र चौबे, चित्रेश बागरी, कुलदीप दुबे, रामदीन कुश्वाहा।

पहाड़ी में तेंदुआ परिवार।मॉर्निंग वॉक पर गए थे तेंदुआ दिखते ही घर लौटे।
बाघ का हमला…मौत, तेंदुए का भी आतंक जारी। सावधान तेंदुआ तो है, अलर्ट रहें।