अंगूरी भाबी को रिझाने के लिये ‘भाबीजी घर पर हैं’ के आसिफ शेख उर्फ विभूति नारायण मिश्रा द्वारा निभाये गये यादगार ‘किरदार’

अंगूरी भाबी को रिझाने के लिये ‘भाबीजी घर पर हैं’ के आसिफ शेख उर्फ विभूति नारायण मिश्रा द्वारा निभाये गये यादगार ‘किरदार’

Entertainment / दर्शकों को ठहाकों के सफर पर ले जाने वाले माॅडर्न काॅलोनी के पड़ोसी मिश्रा और तिवारी का केवल आपस में कनेक्शन नहीं है, बल्कि एक-दूसरे की धर्मपत्नियों से भी उनका खास रिश्ता रहा है! तिवारी और मिश्रा उन लोगों में से हैं, जिन्हें हमेशा यह लगता है कि ‘सामने वाला उससे ज्यादा खुशहाल है‘ और इसलिये ये दोनों ही एक-दूसरे की पत्नियों के दिल जीतने में लगे रहते हैं।

विभूति नारायण मिश्रा का किरदार निभाने वाले, आसिफ शेख ने अंगूरी भाबी (शुभांगी अत्रे) को रिझाने की हमेशा ही अलग-अलग तरकीबें लगाई हैं। लेकिन इसके उनकी बदकिस्मती ही कहेंगे कि उनके सारे पैंतरे धरे के धरे रह जाते हैं और वह हर बार ही नाकामयाब होते हैं। विभूति के लिये सबसे अहम है अंगूरी भाबी का ध्यान अपनी तरफ खींचना और ऐसा करने में वह कोई कसर भी नहीं छोड़ता। इस बारे में आसिफ शेख अपने कुछ पसंदीदा किरदारों और उसके पीछे की कहानी बता रहे हैं।

भला किसे यह याद नहीं होगा जब विभूति ने महमूद उर्फ मास्टर पिल्लई की नकल उतारी थी? 60 के दशक की शानदार फिल्म ‘पड़ोसन’ के उस मशहूर गीत ‘एक चतुर नार’ को बड़ा ही मजेदार ट्विस्ट दिया गया था। ऐसा तब होता है जब अंगूरी दक्षिण भारतीय शास्त्रीय संगीत सीखने की इच्छा जाहिर करती है। विभूति तुरंत ही इस मौके को लपक लेता है और अंगूरी के करीब रहने के लिये बन जाता है म्यूज़िक टीचर यानी मास्टर पिल्लई। लेकिन उसकी बदकिस्मती, कि भाबीजी जल्द ही संगीत से ऊब जाती है और उसकी सारी तरकीब पर पानी फिर जाता है! एक अन्य एपिसोड में विभूति के भूले-बिसरे अंकल उसे खबर देते हैं कि वह नल्लेश्वर साम्राज्य का राजा बन गया है। इससे विभूति काफी खुश हो जाता है, क्योंकि अंगूरी का ध्यान अपनी तरफ खंीचने का उसका सपना अब पूरा हो सकता था। लेकिन कुछ ही समय में एक गलतफहमी की वजह से उसका खिताब छिन जाता है। एक बार फिर विभूति की उम्मीद बिखर जाती है! और यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता, एक और एपिसोड में विभूति उसके घर का सारा सामान आधे कीमत पर खरीदने के लिये डार्लिंग नाम का एक रद्दी वाला बन जाता है! इतना ही नहीं जब उसे पता चलता है कि अंगूरी को ताजा जूस बहुत पसंद है तो वह जूस बेचने वाला भी बन जाता है। लेकिन जल्द ही तिवारीजी, टीका-मल्खान के साथ मिलकर उसका धंधा चैपट कर देते हैं।

इस पर आसिफ कहते हैं, ‘‘इस शो में मैंने लगभग 250 किरदार निभाये हैं और हर किरदार को निभाने में बड़ा मजा आया। मैंने 15 तरह की अलग-अलग महिलाओं का वेश बनाया है। इसकी लिस्ट काफी लंबी है, लेकिन कुछ किरदार ऐसे रहे, जो मेरे लिये यादगार अनुभव बन गया। उनमें से कुछेक के बारे में मैं बताता हूं कि जब मैं एक आशिक मिजाज किस्म का इलेक्ट्रिशियन राजाराम बना था और तिवारी की बूढ़ी दादी का किरदार निभाया था। दर्शकों को सभी किरदार पसंद आये और उन्होंने इसका काफी लुत्फ उठाया। इससे मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा और मैं इस बात के लिये प्रेरित होता रहा कि ज्यादा से ज्यादा इस तरह के किरदार निभाऊं। हर बार यही कोशिश रही कि मैं खुद से बेहतर करके दिखाऊं।’’

तो आपको कौन-सा किरदार सबसे ज्यादा पसंद आया?

आसिफ इस बात से काफी खुश हैं और जोर-शोर से शूटिंग शुरू करने की तैयारियों में जुटे हैं। आप भी तैयार हो जाइये अपने प्यारे विभूतिजी को अपने अंदाज से अपने प्यार को रिझाते हुए, ‘भाबीजी घर पर हैं’ के सभी नये एपिसोड में। जल्द आ रहा है केवल एण्ड टीवी पर।