कॉस्मो फ़ाउंडेशन ने ग्रीन कवर को फिर से हरा-भरा बनाने के लिए 5000 पौधे लगाए

कॉस्मो फ़ाउंडेशन ने ग्रीन कवर को फिर से हरा-भरा बनाने के लिए 5000 पौधे लगाए

औरंगाबाद, जून 2020: कॉस्मो फ़िल्म्स द्वारा जनकल्याण के लिए शुरू की गई पहल, कॉस्मो फ़ाउंडेशन ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम करने वाले एक प्रमुख एनजीओ, ग्रीन यात्रा के साथ मिलकर 24 जून, 2020 को महाराष्ट्र के औरंगाबाद के गंगापुर तालुका के 4 गांवों में वृक्षारोपण अभियान चलाया।

फ़ाउंडेशन की ओर से 4 गाँवों, यानी कि तुर्काबाद और गजगाँव, अम्बेलोहाल और रंजनगाँव पोल में लगभग 5000 फलों के पौधे लगाए गए, जिसके लिए जमीन ग्राम पंचायतों द्वारा प्रदान की गई थी। कॉस्मो फ़िल्म्स लिमिटेड के कई हितधारकों की ओर से ये पौधे लगाए गए। इस अभियान के तहत मौसम्बी, अमरूद, शरीफ़ा और नींबू की विभिन्न किस्मों के पौधे लगाए गए, जिनका चयन उस क्षेत्र की मिट्टी और स्थानीय मौसम के आधार पर किया गया। इन पौधों के फलदार वृक्ष बनने तक, कॉस्मो फ़ाउंडेशन ने स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर सभी पौधों की सुरक्षा एवं उनकी देखरेख की ज़िम्मेदारी ली है।

तुर्काबाद के ग्राम सरपंच, श्री मौली प्रेमभरे और गजगाँव के ग्राम सरपंच श्री विठ्ठल थोरात ने इस अभियान का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में श्री रामहरि पाटेकर, पुलिस पटेल-तुर्काबाद, श्री कडूबा हिवाले, उपसरपंच-गजगाँव, श्री सुरेश संगकर, पुलिस पाटिल-गजगाँव, श्री विपुल दवे, कॉस्मो फ़िल्म्स में ह्यूमन रिसोर्स एवं इंडस्ट्रियल रिलेशंस के प्रमुख, श्री अनिल गायकवाड़ (प्रमुख- अनुसंधान और विकास), कॉस्मो फ़िल्म्स, कॉस्मो फ़ाउंडेशन के कर्मचारी तथा स्थानीय गाँव के स्कूलों के प्रिंसिपल के साथ-साथ कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इस अवसर पर कॉस्मो फ़ाउंडेशन की मैनेजिंग ट्रस्टी, श्रीमती यामिनी कुमार जयपुरिया ने कहा, “हमारा उद्देश्य उन समुदायों में सामाजिक बदलाव लाने में सार्थक योगदान देना है, जहां हम काम करते हैं। इस अभियान के जरिए, हमें एक ऐसे समाज के निर्माण की उम्मीद है जहां जीवन-यापन के स्थायी और न्यायसंगत तरीके का पालन किया जाता हो। हम लोगों को ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं, ताकि देश के ग्रीन कवर को और बेहतर बनाया जा सके।”

कॉस्मो फ़िल्म्स लिमिटेड के सीईओ, श्री पंकज पोद्दार ने कहा, “आज हमारे द्वारा लगाया गया प्रत्येक पौधा कॉस्मो फ़िल्म्स के सभी हितधारकों को समर्पित हैं। इन क्षेत्रों को गूगल पर टैग किया जाएगा और हर पौधे को हमारे हितधारकों के अनुरूप एक ख़ास सीरियल नंबर दिया जाएगा।”